खोरठा लोक गीतेक महानायक : विनय तिवारी
खोरठा गीतकार विनय तिवारी
विनय तिवारी कोन्हो पहचान कर मोहताज नाइ हथ। ई ओहे विनय तिवारी लागथ, जे झारखण्डे खोरठा गीतकारेक रूपें बिखिआत हथ। विनय तिवारी झारखंडेक सबले लोकप्रिय आर आदरेक गीतकार लागथ। जिनखर दु तीन दसक तइक काजकाले ढ़ेइर उपलब्धि भरल पड़ल हइ। हालांकि विनय जी चाइर पांच भासाञ गीत लिखल हथ। मनतुक उनखर पहचान खोरठा भासाञ भेल । विनय जीक जादुई कलमें गीत आर कविता लिइख के पुरा झारखंड के आपन दिवाना बनवल हथ ।
विनय तिवारी जीक परिचइ :-
विनय तिवारी जीक जनम झारखण्ड राइजेक धनबाद जिलाक रोआम गांवे एगो साधारन पइरवारे 5 अक्टूबर 1974 ईसवी में भेलअइन। इनखर मायेक नाम बेला रानी आर बापेक नाम हरि प्रसाद तिवारी लागअइन। छउवे गरी ले ई सब एगो बुइधगर, तेजगर आर रंगचगीया गीदर हला। गरीब पइरवारेक खातिर टाका -पइसाक ढ़ेइर अभाव हल सइ खातिर ओतना लिखाइ-पढ़ाइ नाइ करे पारला। तावो टाइन-टुइन के कोन्हो रकम मेटरिक परिक्खा पास करला। एहे लगाइत इनखर पढ़े में ढेइर रूचि हलअइन। सइ खातिर आपन खरचा आपने चलाइ के आगु पढ़इत रहला आर अर्थशास्त्र लइखुन बी. ए. पास करला। मनतुक आपन माय - माटी मातरी भासाक अटुट परेम हलअइन आर छउवे गरी ले कोन्हो ना कोन्हो लिखइते रह हला । कयेक भासा में लिखला खोरठा, नागपुरी, बंगला, भोजपुरी, हिन्दी आरो - आरो। मकिन खोरठा इनखर आपन मातरी भासा हलअइन। एकरे में आगु चइल के एक ले एक गीत आर कविता लिखे लागला, लोके इनखर गीत आर कविता के ढ़ेइर पसींद करे लागलथीन। एक समय अइसन आइल की जखन झारखण्डेक गांवे - गांवे ,घरे- घरे इनखर गीत आर कविता लोके सुने लागला। इनखर जे गीत हलअइन ऊ झारखण्डेक भासा संसकिरति, गरीब ,दुखिया सामाजिक, धारमिक , परब तिहार आर उलगुलानेक खातिर हल। इनखर गीतें ऊ रस हलअइन जे लोकें आपन काम छोइड़ - छोइड़ के सुनो हला। अइसने गीते मिठास भरल लइ आर ताल हइ। विनय जी खुब चरचित भेला। झारखंडे नाइ बिचकुन राइजेक छाड़ा दोसरो राइजे आर विदेस में बिख्यात भेला। आखिर ऊ दिन टा आइ गेल जखन विनय तिवारी जी, खोरठा गीतकार के नाम से पुरा झारखण्ड में छाइ गेला। आइझो ई सब गीत आर कविता लिखइत हथ। आसा करहियेन जे आगुवो लिखइते रहता आर आपन मातरी भासा के बिकास करइत रहता।
आइझ ना काइल माने हेतो
गोड़ेक कांटा मुहे धइर टाने हेतो ।।
खोरठाक महान कवि श्रीनिवास पानुरी जी ई झोरा के लिखल हला। ऊटा आइझ सच देखाइ रहल हे । माने विनय जी छउवे घरी एगो परन लेल हला जे हामर खोरठा भासा आइझ एतना पाछु काहे हे। एकरा हाम जाब तक नाइ गोटा देस - विदेसे पसराइबइ ताब तक सुगुम नाइ रहब। करला लिखेक सुरू आर एतना लिखला तकर कोइ ठोर ठेकान नाइ। हजारो- हजार गीत आर कविता लिइख देला। करीबन 10 बछर ले सुरू करल हला जे एखन तइक लिखइते हथ। आइझ ऊ दिन टा आइ गेल हे, माने गोटा झारखंड छाड़ा देस - बिदेसें खोरठा गीत आर कविता लिइख खुन सब के खोरठाक दिवाना बनाइ छाड़ला। आइझ खोरठा गीत संगीतेक छेतरे अलबत काम कइर के खोरठा भासा के राष्ट्रीय स्तरें पहचान दियावल हथ।
खोरठा बिकासेक डहरें आर विनय तिवारी :-
1. आबगा बेराक खोरठा गीत संगीत सिनेमा कर
अगुवा -
देसेक अठाइसवां राइज झारखण्ड परजाति , परकिरति आर भासा - संसकिरतिक एगो भिनु अलेदा प्रदेस हे । हिञा तीन गो भासा पइरवार हइ आग्नेय, द्रविड़ आर आर्य पइरवारे एक दरजन ले बेसी भासा बोलल जा हइ। जे झारखंडेक खांटी भासा हइ। जेकर में खोरठा सबले बोड़ छेतर में बोलल जा हइ। झारखंडेक 24 जिला में 17 जिलाञ बोलल जा हइ। 2011 कर जनगणनाक अनुसारे 84 लाख खोरठा बोलवइया हथ। एखन झारखंडेक दुसरा राइज भासा में दरजा दियल गेल हइ। जेकर लिखाइ- पढ़ाइ 8 क्लास ले पीएच0डी0 आर डी0 लिट् भी होइ रहल हे ।
एक समय हल जखन लोक खोरठा बोले बतयाइ में लाज लागो हलअइन। ओकरा देहाती भासा बोइल के हिन भावनाञ देखो हला । मनतुक ओहे हिन आर देहाती भासा के एगो चिन्हा बा लोकप्रिय बनवे में विनय तिवारी जीक घाम गरवा जोगदान हइन। विनय जी आबगा पहरेक बेरा में समाज आर परकिरति के अइसन जोड़ला जेकर से खोरठा गीतें एगो जादू डाइल देल हथीन । विनय जीक लिखल गीतें आर बनवल धुन सजाइ के अलबत खोरठा जगतें पसराइ देल हथीन । जमाना टेप - रिकाॅर्डर केसेट कर हलइ । खोरठा गीत संगीतें एगो कारांति आइ गेल । मने एगो अलबत लोकप्रियता पसइर गेल। आइज एगो खोरठा भासी खोरठा भासा के पहचाने नाइ हला मनतुक आइझ ओकरा राष्ट्रीय स्तरें पहुंचवे में विनय जीक ढ़ेइर जोगदान हइन ।
2. असाधारण प्रतिभा भोरल-पुरल गीतकार :-
विनय जी एगो बोड़ सवांगेक गीतकार बा रचनाकार लागथ। इनखर गीतें जीनगीक पइत बेवराक साड़ा पावा हे। सरल-सहज सबदें भाव बिसयें एतना बेस लिखल हथ, जे सुने वालाक हियाञ सोझवारी ढुइक जा हइ। तोहिनेक गीतें जुवान हिया के धड़कावे वाला हे, बुढ़ा सब के रिझाव हथ त जनी सब के ममता आर करूना ले भइर दे हइ ।
3. बॉलीवुडेक बोड़ गायक सब गावल हथ विनय जीक गीत :-
माइनगर विनय तिवारी जीक बहुआयामी गीतेक बिखिआत हथ। एखन तइक एक हजार ले बेसी गीत लिखल हथ। भिनु-भिनु भाभ आर बिसय के हइ। इनखर ढ़ेइर ले ढ़ेइर आबगा पहर आर भकति भाभ में बेसी हइन। तकरे लोकप्रियताक चलते टी सीरीज में ढ़ेइर दिन तइक काम करला। पहिले केसेट चलो हल मनतुक एखन यू- ट्यूब आर सोससल मीडिया जमाना आइ गेल हइ । मनतुक विनय जीक लोकप्रियता टा कम नाइ भेल हे । बलकी दिने-दिन आरो बाढ़ते जाइ रहल हे ।
इनखर गीत खोरठा छेतरेक ढ़ेइर नामी गिरामी गायक मनोज देहाती , गौतम कुमार महतो , कैलाश देहाती, पायल मुखर्जी, एकर अलावे बॉलीवुडेक कुमार सानु , उदित नारायण, सपना अवस्थी आर भजन सम्राट अनुप जलोटा जइसन बिखिआत कलाकारें आपन साड़ा देल हथ।
इनखर जोगदानेक खातिर कुछ लोक त इनखा खोरठाक 'समीर' के नामे हकवो हथ ।
विनय जी ढ़ेइर टीवी चैनल आकाशवाणी रांची आर पत्र- पत्रिका में परसारित आर परकासित भेल हइन। जेरम ई टीवी बिहार, आकाशवाणी राँची आर झारखंड सरकारेक ऐतिहासिक पत्रिका 'आदिवासी' में उखरावल गेल हइ। इनखर अइसन ढ़ेइर कविता हइन जे एखन विश्वविद्यालय स्तरें एकर लिखाइ-पढ़ाइ चइल रहल हइ।
जइसे - 'एइ भात रे' आर 'झारखण्ड की विरासत' एकर छाड़ा तोहनिक ढ़ेइर रचनाञ शोध काम चइल रहल हइ। हमारा लागे हे की तोहिन कर गीत पर शोध हवेक चाही ।
4. आबगा पहरेक गीत - संगीत बा सिनेमाक अगुवा -
विनय जी गीतें त आपन लोकप्रियता बनवले हलथ। एकर छाड़ा खोरठा सिनेमा कर सुरूआत करला। विनय जी खोरठा फिल्में गीत, पटकथा आर संवादेक रचना करल हथ । खोरठा फिल्म 'हामर देहाती बाबू' में पटकथा लेखन, खोरठा फिल्म 'देय देबो जान गोरी' में गीत लेखन नागपुरी फिल्म करमा में गीत लेखन, खोरठा सोट फिलम 'पिता कि मान बेटियां' में पटकथा व निर्देशन करला, खोरठा फिलम 'झारखण्डेक माटी' में गीत आर लेखकेक भूमिका निभावल हथ। 'पिता का मान बेटियाँ' सोट फिलम में झारखण्ड राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ खोरठा फिल्म के पुरस्कार दियल गेल हलइ।
5. खोरठा भासा साहित संगीत सिनेमाक हक खातिर उता-सुता :-
खोरठा साहित, गीत - संगीत, सिनेमा, साहितकार, कलाकार सभेक हक बा सम्मान दिवे खातिर विनय जी जिमिरजिट लागल हथ। कऐक बेइर उलगुलान करला । सरकार से चिठी पतरो करला । मीडियाक माइधमें कतेक राव उठावला जे लगस्तर एखनु जारी हइ ।
6. आंटेक तेयाग आर मेहनइत ले मिलल सफलता :-
विनय जीक एतना बोड़ कामयाबी आर सोहरतेक ई मुकाम टा अइसे हीं नाइ मिलल हइ। हिञा तक पहुँचे में कतेक मेहनत करला आर कतेक धिकारेक बात तलबिच करला तकर कोइ ठेकान नाइ। एगो गरीब बाभन पइरवारे जनमल। छउवे घरी ले गीत संगीते ढ़ेइर चेठा हलअइन जेकरा आपन मने ठानला आर एगो ठेकान तक पहुंचवे में जोगदान देल्थीन। आपन मातरी भासा में गीत आर कविता लिखे लागला। बी0 ए0 पास करल बादे विनय जी आपन माय, माटी, भासा के आगु बढ़वे में लाइग गेला। घर परिवाइर आर समाज ले कते विरोधेक सामना करे भेलइन । कते लोक त हांसी ठठाक उड़वल हला। आर कतेक टाका-पइसाक समस्या झेले भेलअइन। मकिन विनय जी त विनय जी होन, आपन मने ठाइन लेल हला जे कतनो बेजाञ आवत मनतुक खोरठा के छाड़ब नाइ। विनय जी आपन लइछ के दोसर बाटे नाइ बिदराइ के आपन धुने चलइत रहला। आखिर ऊ दिन टा बछरो-बछर बीतल बादे आइल। जखन खोरठा गीत के चाहे वाला एक लाख ले करोड़ो होइ गेला। माने खोरठा गीत पइत लोकेक मुंहे चले लागलइन । लोके आपन हियाञ बइठाइ लेला । सफलताक पहाड़ उनखर गोड़ चुमे लागल। आबगा पहरे खोरठा गीत संगीत बा सिनेमाक सफरें गोटा पचीस बछर तइक लगाइत चलइत रहल। आगुवो चलइत रहथ । विनय जी खोरठा भासा साहित बा गीत संगीत के बढ़ावे बा राष्ट्रीय स्तरें पहचान दिवे खातिर राइत दिन मेहनइत करइत हथ।
विनय तिवारी खोरठाक छाड़ा नागपुरी आर हिंदियों में बेस गीत आर कविता लिख कुन आपन नागपुरी जगतें आर हिंदी जगतें आपन नाम के थापित कइर कुन ढेरी बेस बेस रचना देलहथिन।
आर कई गो किताबेक संपादन आर सहयोगी संपादक के रूपें काम करलहथ,अरण्य रसना बहुभाषीय साझा कविता संकलेक संपादन के साथ साथ रविरथी हिंदी साझा कविता संकलनें सहयोगी सम्पदाकेक रूपें आपन जोगदान देलहत।
विनय जीक उपलब्धियाँ :-
1. झारखंड सरकारेक पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिबु सोरेन जीक बाटे ले बछर 2008 में 'खोरठा गौरव अवार्ड'।
2. नेट इंडिया सुविधा कार्ड्स लिमिटेड कंपनी बाटे ले 'खोरठा रत्न सम्मान'।
3. श्री मथुरा प्रसाद महतो खाद्य आपूर्ति / भू . राजस्व मंत्री झारखंड सरकार बाटे ले 2011 में खोरठा गीत संगीत व सिनेमा कर छेतरें जोगदान खातिर 'खोरठा सम्मान' से सम्मानित।
4. पर्यटन कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग , सांस्कृतिक कार्य निदेशालय झारखंड सरकार बाटे ले 21 मार्च 2016 के खोरठा लोक गीत कर छेतर में जिमिरजिट जोगदानेक खातिर 'सांस्कृतिक सम्मान' से सम्मानित।
5. श्री निवास पानुरी स्मृति बा श्री निवास पानुरी खोरठा प्रबुद्व सम्मान से सम्मानित।
6. ॠषिकेश स्मारक सेवा समिति बाटे ले 'खोरठा गीत सम्मान' से सम्मानित।
7. प्रथम झारखण्ड अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 'श्रीनिवास पानुरी मेमोरियल अवार्ड फॉर खोरठा लिटरेचर सम्मान' से सम्मानित।
8. झारखण्ड फिल्म निर्माता संघ बाटे ले 'झारखण्ड कला रत्न' सम्मान।
9. पहिल झारखण्ड नेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट गीतकार ऑफ खोरठा सम्मान से सम्मानित।
10. ऋषिकेश स्मारक सेवा समिति बाटे ले 'खोरठा श्री' सम्मान से सम्मानित।
11. द्वितीय झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट स्क्रिप्ट राइटर ऑफ खोरठा सम्मान से सम्मानित।
12. आधुनिक व अति लोकप्रिय खोरठा गीत लेखन बा खोरठा गीत संगीत सिनेमा कर बिकास में विशिष्ट जोगदान खातिर खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद् बाटे ले खोरठा कला संस्कृति रत्न सम्मान से सम्मानित।
13. आधुनिक गीत संगीत बा सिनेमा कर बिसेस जोगदान खातिर जागो जगाओ सांस्कृतिक कला मंच कर बाटे ले 'अखड़ा सम्मान' से सम्मानित।
14. नमन इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर एडुकेशन एंड सोशल रिसर्च बाटे ले नमन बिरसा मुंडा झारखंड रत्न सम्मान से सम्मानित।
15. भित्ति चित्र के माइधम से खोरठाक बिकासे जोगदान करवइया पहिला बेगइत -- विनय तिवारी खोरठा गीतकार
16. भारत सरकारेक " संगीत नाटक एकेडमी " के अध्यक्ष जकर घार MEET TO ARTIST के तहत पहुंचला अइसन पहिला खोरठा झारखंडी कलाकार गीतकार गायक - विनय तिवातिवार
17. खोरठा भासाइं भित्ति चित्र के माइधम से बिरहोर भासाक बिकासें जोगदान करवइया पहिला बेगइत - विनय तिवारी .
विनय जीक चरचित खोरठा गीत :-
1. तोयँ हामर दिल लागें
2. जुगें जुगें बेटी भेलइ पोरेक धन सदाय,,
3. ए मायं गो आँचरा टा भोरी दे विदाय
4. फेर कहिया तोयँ अइबें रे दादा घुरि के आपन देश
5. एहे रे बगिचवें खेलली एहे रे
6. हामर छोटानागपुर हामर हिरानगपुर
7. हामर राइज झारखंड महान
8. आब नाञ रुकब रे आब नाञ झुकब रे
9. आइ जीहें तोञ नदिया किनारे
10. ओ मितवा आइ जो रे
11. तोरे इयादें राइत दिन दिलवा हमर कांदें
विनय जीक चरचित खोरठा गीत :-
1. तोयँ हामर दिल लागें
2. जुगें जुगें बेटी भेलइ पोरेक धन सदाय,,
3. ए मायं गो आँचरा टा भोरी दे विदाय
4. फेर कहिया तोयँ अइबें रे दादा घुरि के आपन देश
5. एहे रे बगिचवें खेलली एहे रे
6. हामर छोटानागपुर हामर हिरानगपुर
7. हामर राइज झारखंड महान
8. आब नाञ रुकब रे आब नाञ झुकब रे
9. आइ जीहें तोञ नदिया किनारे
10. ओ मितवा आइ जो रे
11. तोरे इयादें राइत दिन दिलवा हमर कांदें
विनय तिवारी कर चर्चित खोरठा कविता
1 *एइ भात रे*
2 *मायं माटी* .
3 *कि रकम ओझराइ के राखल हें.*
4 *तोर हामर परेमक कहनी* .
*5 मानुस आर बुझे नॉय रे भाय.*
6 *मानुसे मानुस के मारे लागल* .
7 *मिटे नायं दिहा माटिक मान* .
8 *हामर नुनियाइं सोब जाने.*
9 *फरक* .
10 *बेस दिन ककर* .
11 *भूखला भुखले रइह गेल*
12 *एकेक गोक हिसाब हतय*
13 *हामेँ तब तक नायं मोरब*
14 *काट बइन के ख़रीस साँप*
15 *तोर अँगे अँगे बिस भोरल*
16 *तोयँ तो जानें*
17 *उलगुलान*
18 *बोनेक आइग*
19 *कि तोयँ जाने हें नायं* ?
20 *तोयँ सोब लुइट रहल हें*
21 *गोबरा जाग,जाग रे गोबरा*
22 *हामर पेटेक आइगीं*
23 *पोढ़ नुनू पोढ़ रे*
24 *जोरिया की कलें कलें अइसनेँ फुराय जाइत*
25 *तोयं की बुझल हें*
26 *झारबऊ तोर बिसदांत*
27 *फइर चिराइल चोंथाइल हामर करेजा*
28 *आब हिंछा नायँ करे*
29 *हमरा जोदि विधायकें चुनबें*
30 *भोकवाइल लोक*
31 *तोयँ आगुं बढ़ तो*
32 *दु गो खेपा*
33 *उलगुलान क्रांति के चिन्हा।*
34 *आब नायँ चलतो*
35 *तोयँ नुकाय राखल हें*
36 *रधिया बाहर कर कांड धनुक़ टा*
37 *भुजूंग करिया होय गेलही
38 बेटी आर चिटा माटी
39 कते कविता तोर खातिर मोरल ।
40 मांथा धइर के भाभही
41 गावँ छोइढ के भागे हतो
42 फेइर ओहे बोनें आर पहारेक खोहें
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