Khortha Darpan
राँची, 23 अगस्त: झारखंडी भाषा-साहित्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, राँची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर खोरठा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कुमारी शशि को प्रतिष्ठित 'पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा स्मृति मुंडारी साहित्य सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय मुंडारी विभाग एवं मुंडारी साहित्य परिषद, रूम्बुल, झारखंड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
यह सम्मान झारखंड के महान शिक्षाविद्, साहित्यकार, चिंतक एवं संगीतज्ञ तथा झारखंड आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा की स्मृति में दिया जाता है। डॉ. मुंडा ने आदिवासी भाषाओं, कला, संगीत और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस सम्मान के माध्यम से उन्हीं के आदर्शों एवं विचारों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
डॉ. कुमारी शशि को यह सम्मान झारखंडी भाषा-साहित्य, विशेषकर खोरठा भाषा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। वे राँची विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर खोरठा विभाग की विभागाध्यक्ष हैं। इससे पूर्व भी उन्हें खोरठा भाषा, साहित्य और संस्कृति के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'खोरठाक गुरु मांय' की उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर डॉ. शशि के सहयोगियों, शिष्यों एवं झारखंडी भाषा प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है। राँची विश्वविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
यह सम्मान न केवल डॉ. कुमारी शशि के व्यक्तिगत गौरव का प्रतीक है, बल्कि पूरे झारखंडी भाषा-साहित्य जगत के लिए एक प्रेरणास्रोत है। यह क्षेत्रीय भाषाओं के विकास एवं संवर्धन में लगे हर व्यक्ति का उत्साहवर्धन करता है।
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