ओहदार जी खोरठाक एगो दमगर साहितकार, प्रोफेसर आर खोजी बिदुवान रूपें जानल जा हथ । खोरठा भासाक बिगीआनी रूप के खोजे आर खड़ा करेंएं ई लगस्तर जिरिंगजिट लागल हथ । इनखर कलम साहितेक कइएक गो बिधाञ साहित सिरजन करले लागल हथ । ई गइद आर पइद दुइयो रंपें सुपट रचना करो हथ । एकर छाड़ा ई एगो बेस होमियोपैथीक डाक्टरो हथ ।
खोरठा निबंध- (वैचारिक निबंध संग्रह) जनजातीय भाषा अकादमी ,बिहार सरकार 1990।
खोरठा भाषा एवं साहित्य (उद्भव एवं विकास ) - शोधपरक किताब हइन । परकासक - खोरठा भाषा साहित्य संस्कृति अकादमी ,रामगढ़ ।
एकर छाड़ा दुष्यंत कुमार आर बहादुर शाह जफर कर गजल के खोरठानुवाद 'अनुदितांजली' नाम से छपल हइन। एखन लगस्तर कलमेक धारा बहइत हइन। आगु एकर ले बोड़ बोड़ रचना रचता । एहे आसा आर बिसुवास हे ।
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