रांची, 14 फरवरी।
*पंडित रघुनाथ मुर्मू को ओलचिकि एवं लाको बोदरा को वारंगक्षिति लिपि की आविष्कार के लिए मरणोपरांत साहित्य पुरस्कार मिलेगा*
संताली साहित्य में श्री सुन्दर टुडू को "आगाम रेयाग़ नागाम आर संताड़ी। धोरोम शास्त्र " , कुड़ुख साहित्य में डॉ नारायण उरांव को " तोलौंग सिकी उद्भव एवं विकास", खोरठा साहित्य में श्री चितरंजन महतो को " जिनगीक टोह" , नागपुरी साहित्य में श्री छितिस कुमार राय को " रूपु ", पंचपरगनिया साहित्य में डॉ दीनबंधु महतो को " राम किस्ट केर" पुस्तकों के लेखकों को साहित्य सम्मान दे कर विभूषित किया जाएगा। बाकि तीन साहित्य क्रमशः हो, मुंडारी और खरिया को लंबित रखा गया है।
अखिल झाड़खंड साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित " साहित्य पुरस्कार - 2026" आगामी 21 फरवरी को " अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस" के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम रांची स्थित प्रेस क्लब में होगी।
उक्त कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में महामहिम राज्यपाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ रामेश्वर उरांव को आमंत्रित किया गया है।
अखिल झाड़खंड साहित्य अकादेमी के संस्थापक त्यागी विधायक श्री सूर्य सिंह बेसरा है, जो विश्व कवि रविन्द्र नाथ ठाकुर द्वारा रचित गीतांजलि और डॉ हरि वंश राय बच्चन की मधुशाला का संताली अनुवादक है, जिन्हें 2017 में साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा साहित्य सम्मान से विभूषित किया गया है। पद्मश्री डॉ राम दयाल मुंडा और स्वर्गीय डॉ बी पी केशरी के अधूरी स्वप्नों को पूरा करने के लिए सूर्य सिंह बेसरा दृढ़संकल्पित है। आज की आमसभा की अध्यक्षता चेयरमैन श्री सूर्य सिंह बेसरा ने किया, जबकि सभा की संचालन अकादेमी के सचिव डॉ सबिता केशरी ने किया। सभा में अकादेमी के उपाध्यक्ष डॉ बीरबल महतो, भाषावार संयोजक क्रमशः डॉ गंगाधर,डॉ दीनबंधु, डॉ संदीप कुमार, डॉ हरि उरांव, डॉ अमित कुमार, डॉ बीरेंद्र कुमार महतो, डॉ डुमनी माय मुर्मू, डॉ सरस्वती गगराई, डॉ रतन कुमार महतो,
डॉ सुकाशि कर्मकार, एवं अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
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