इसकी अध्यक्षता डॉ. उमेश कुमार ने किया । बैठक में "रूटा" के संयोजक डॉ. कांजीव लोचन, उपाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार ठाकुर, कोषाध्यक्ष डॉ. अवध बिहारी महतो के साथ-साथ डॉ. नीरज, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. रोजेलिना, डॉ. अनुपमा सिंह, डॉ. किरण तिवारी, डॉ. अनुजा विवेक, डॉ. सावित्री कुमारी, डॉ. शशिकांता टोप्पो, डॉ. गीता सिंह, और डॉ. रंजीत कुमार इत्यादि उपस्थित थे ।
बैठक में उच्च शिक्षा निदेशालय के द्वारा भेजे गए पीएच.डी. इंक्रिमेंट के पत्र का अवलोकन किया गया । प्रथम दृष्टया इसमें कई प्रकार की त्रुटियों को शिक्षकों ने चिन्हित किया । यह ऐसा प्रतीत होता है कि एक ही प्रतिउत्तर को कई व्यक्तियों के मंतव्य के रूप में नकल किया गया है । शिक्षकों ने अपना विचार देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा निदेशालय में संबंधित पदाधिकारी द्वारा दस्तावेज का सही प्रकार से निरीक्षण नहीं किया गया । इस संबंध में शिक्षकों ने अपने पावती पत्र के साथ अटैचमेंट को भी सभा को दिखाया। सभी शिक्षकों ने तरीके से यह बताया कि हम लोगों के त्रुटि को दिखाने में ही त्रुटि है ।
डॉ. उमेश कुमार, अध्यक्ष रूटा ने कहा की 5-महीना तक पूरे दस्तावेज को सही प्रकार से देखने के बावजूद एक भी योग्य आवेदक का नहीं मिलना आश्चर्य का विषय है । उन्होंने अपने वक्तव्य में यह कहा कि "रूटा" सभी तकनीकी पक्षों को देख रहा है और एक-एक बिंदु पर विवेचना के उपरांत उच्च शिक्षा निदेशक से मिलकर वस्तु स्थिति को स्पष्ट कराएगा । उन्होंने यह भी कहा कि कुलपति के रांची लौटते ही उनसे बिंदुवार इस विषय पर वार्ता की जाएगी । उन्होंने इस बात को भी सभा के समक्ष रखा कि सभी बिंदुओं को तैयार करने के बाद राजभवन को भी इस विषय पर ध्यान आकर्षित कराने हेतु संघ महामहिम राज्यपाल महोदय से मिलेगा ।
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