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जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का प्रथम सम्मेलन रांची में सम्पन्न

रांची में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं का प्रथम सम्मेलन आयोजित

रांची। रविवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच द्वारा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं का प्रथम सम्मेलन रांची के सत्य भारती सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि JSOU के कुलसचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में परीक्षा नियंत्रक डॉ. दिलीप कुमार साहू उपस्थित थे।
सम्मेलन में झारखंडी भाषाओं के कई प्रतिष्ठित विद्वान शामिल हुए। इनमें बासिल किड़ो, डॉ. मनसिद्ध बदायउद, डॉ. के.सी. टुडू, सोनू हेस्सा, डॉ. नारायण उरांव, डॉ. करम चंद्र अहीर तथा डॉ. एच.एन. सिंह प्रमुख थे। वक्ताओं ने झारखंडी भाषाओं के विकास और संवर्धन पर जोर देते हुए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में झारखंडी भाषाओं के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता बताई।
मंच के सचिव सुकेशी कर्मकार और विकी मिंज ने कहा कि झारखंडी भाषाओं के विद्वानों को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए, जिससे इन भाषाओं के संरक्षण और विकास को नई गति मिल सके।
इस अवसर पर सत् प्रकाशन और मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “झारखंड के प्रमुख संत” विषय पर निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में गिरिडीह के डॉ. छोटू प्रसाद को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹5100 तथा पांकी के पत्रकार पंकज प्रसून को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹3100 प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में सत्यनारायण मुंडा, बुद्धराम, नीरज, जगतपाल, रीता, प्रियंका, नीलोफर, सोनी, शिवशंकर और अरुण सहित कई लोग उपस्थित थे।
 इधर सोशल मीडिया के माध्यम से खोरठा के युवा साहित्यकार डॉ. संदीप कुमार महतो ने कहा कि “हमारी भाषा और संस्कृति हमारी पहचान है, इसे बचाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।”