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अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर नेपाल की संस्था द्वारा खोरठा की युवा कवयित्री कुमारी आकांक्षा को 'मातृभाषा रत्न सम्मान' से सम्मानित

 27 फ़रवरी 2026।

खोरठा भाषा की सुप्रसिद्ध कवयित्री एवं शिक्षाविद् कुमारी आकांक्षा को नेपाल की राजधानी काठमांडू में 'मातृभाषा रत्न' अंतर्राष्ट्रीय 'मानद उपाधि सम्मान' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया।

यह गरिमामयी सम्मान नेपाल की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा प्रदान किया गया। समारोह का उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन, हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ देश-विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर नेपाल, भारत सहित पाँच देशों के साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि तथा मातृभाषा गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में कुमारी आकांक्षा को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक, शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। कुमारी आकांक्षा जी खोरठा भाषा से विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। उनके लिखे अनेक पुस्तकों की साझा संकलन में कविताएं प्रकाशित हुई है जैसे - जुरगुड़ा (खोरठा कविता संग्रह) अरण्य रसना (कविता संग्रह) इसके अलावे कई पत्रिकाओं में अपनी लेखनी से समाज में जागरुकता लाये हैं। सम्मान अवसर पर संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने बधाई देते हुए कहा कि शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन का उद्देश्य प्रतिभाशाली रचनाकारों को प्रोत्साहित कर उनमें नव ऊर्जा का संचार करना है। कुमारी आकांक्षा के इस सम्मान की सूचना मिलते ही साहित्यिक जगत में हर्ष का वातावरण है। उनके शुभचिंतकों, मित्रों एवं साहित्यप्रेमियों ने उन्हें बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।