झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय, रांची में बुधवार को युवाओं की रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने एवं शिक्षा-प्रशिक्षण को रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल कुमार पुरवार ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में कौशल आधारित शिक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को रोजगार की संभावनाओं से जोड़ने पर बल दिया और कहा कि विश्वविद्यालय को इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने होंगे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में सीईएमसीए के निदेशक डॉ. वसीर अहमद शद्रच एवं प्रो. अर्चना कुमारी दुबे ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार एवं नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। विषय विशेषज्ञ प्रो. राजेश खंबायत ने प्रतिभागियों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की प्रक्रिया, मॉड्यूल निर्माण एवं मूल्यांकन पद्धति की बारीकियों से अवगत कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अभय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि खुला विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से कौशल विकास को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यशाला का संचालन परीक्षा नियंत्रक डॉ. दिलीप कुमार साहू ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह द्वारा लिखित पुस्तक _'हिंदी बाल काव्य का बच्चों के व्यक्तित्व विकास में योगदान'_ का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में खेमलाल रजक, शाहिद राजा खलीफा सहित विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
दो दिवसीय कार्यशाला में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। इनमें संताली विभाग से सुकेशी कर्मकार, खोरठा विभाग से डॉ. संदीप कुमार महतो, कुड़ुख विभाग से शिवशंकर उराँव, रीता कुमारी आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।